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पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर बवाल: 'गजनी, लोदी हिंदुस्तानी लुटेरे थे' - बीजेपी का तीखा पलटवार

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नई दिल्ली:  देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने मध्यकालीन शासकों महमूद गजनवी और लोदी वंश को "हिंदुस्तानी लुटेरे" करार देते हुए एक नई बहस छेड़ दी है, जिस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अंसारी ने अपने बयान में कहा, "अपनी किताबों में लोग छपवाते हैं कि कोई लोदी है तो कोई गजनी है… ये सब हिंदुस्तानी लुटेरे थे। ये बाहर से नहीं आए थे।" उन्होंने आगे कहा कि "राजनीतिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोग कहते हैं कि उन्होंने ये तोड़ दिया और वो तोड़ दिया। सब हिंदुस्तानी थे।" यह बयान आते ही राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। भाजपा ने इसे तुरंत लपेटते हुए कांग्रेस और तथाकथित 'कांग्रेस इकोसिस्टम' पर करारा हमला बोला। भाजपा का पलटवार: 'इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का प्रयास' भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हामिद अंसारी के बयान को "अलग-थलग घटना" मानने से इनकार करते हुए इसे एक बड़े पैटर्न का हिस्सा बताया, जिसमें "कांग्रेस से जुड़े लोग बार-बार भारत के मध्यक...
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#sksmartnews:  लखनऊ: कूड़े के पहाड़ अब बन रहे 'सोने की खदान'! IIT की मदद से चमकेगा शहर क्या आप सोच सकते हैं कि एक शहर, जो कभी 17.5 लाख मीट्रिक टन कूड़े के ढेर तले दबा था, आज उसी कचरे को 'संसाधन' में बदल रहा है? जी हां, लखनऊ नगर निगम ने यह कमाल कर दिखाया है! सिर्फ 16 महीनों में, शहर ने अपने दशकों पुराने, कचरे के विशालकाय पहाड़ों को लगभग साफ कर दिया है। अब यह कूड़ा शहर के लिए बोझ नहीं, बल्कि आय का स्रोत और प्रगति का प्रतीक बन रहा है। अकल्पनीय गति: 10 साल का कचरा, 16 महीने में साफ! नगर निगम के दावों पर यकीन करें तो, लगभग 20 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे में से अब सिर्फ ढाई लाख मीट्रिक टन ही बचा है। यह किसी जादू से कम नहीं! रोजाना 5000 मीट्रिक टन (नए और पुराने) कचरे का निस्तारण करके, लखनऊ ने देश के सामने एक मिसाल पेश की है। कल्पना कीजिए, शहर से हर दिन निकलने वाले 2000 टन नए कचरे के साथ, लगभग 3000 मीट्रिक टन पुराने कचरे का भी निपटान हो रहा है। इस रफ्तार से, वो कूड़े के पहाड़ जो कभी शहर की पहचान थे, अब इतिहास के पन्नों में सिमटते जा रहे हैं। सुदूर भविष्य में लखनऊ शहर की कल...

भारत ने कहा है कि उसने निपाह वायरस के प्रकोप पर काबू पा लिया है, जबकि एशिया के कुछ देश स्वास्थ्य जांच को और सख्त कर रहे हैं।

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नई दिल्ली (एपी) — भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के पूर्वी राज्य में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि के बाद इसके प्रकोप को नियंत्रित कर लिया है, क्योंकि कई एशियाई देशों ने भारत से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच और हवाई अड्डे की निगरानी बढ़ा दी है। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि दिसंबर से निपाह के दो मामले सामने आए हैं और सभी पहचान किए गए संपर्कों को क्वारंटीन कर उनकी जांच की गई है। मंत्रालय ने मरीजों के बारे में विवरण जारी नहीं किया, लेकिन कहा कि 196 संपर्कों का पता लगाया गया था और उन सभी की रिपोर्ट नकारात्मक आई है। मंत्रालय ने कहा, "स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और सभी आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए गए हैं।" निपाह, एक जूनोटिक वायरस जिसे पहली बार 1990 के दशक में मलेशिया में हुए प्रकोप के दौरान पहचाना गया था, चमगादड़ों, सूअरों और मानव-से-मानव संपर्क के माध्यम से फैलता है। इस वायरस के लिए कोई टीका नहीं है, जो तेज बुखार, ऐंठन और उल्टी का कारण बन सकता है। एकमात्र उपचार जटिलताओं को नियंत्रित करने और मरीजों को आरामद...

Bareilly Drug Bust: ANTF ने पकड़ी 1.43 करोड़ की ड्रग्स, स्मैक बनाने वाला केमिकल भी बरामद; 3 तस्कर गिरफ्तार

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Bareilly Crime News: उत्तर प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ 'एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स' ( ANTF ) का अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में ANTF की बरेली यूनिट को एक बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने बरेली-रामपुर हाईवे पर घेराबंदी कर तीन अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से करोड़ों रुपये की ड्रग्स और नशीला पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला खतरनाक केमिकल बरामद हुआ है। रामपुर हाईवे पर ANTF का बड़ा एक्शन मंगलवार देर रात, मुखबिर की सूचना पर ANTF की टीम ने मीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुरहुरी मोड़ (रामपुर हाईवे) पर जाल बिछाया। टीम ने एक संदिग्ध इनोवा कार को रोककर जब तलाशी ली, तो उसमें भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और केमिकल मिला। बरामद किए गए माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.43 करोड़ रुपये आंकी जा रही है । गिरफ्तार तस्करों की पहचान पकड़े गए आरोपी शातिर तरीके से अंतर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की सप्लाई करते थे। आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: ओमेन्द्र : निवासी ग्राम बहोरपुरा, जिला बदायूं। मनोज : निवासी ग्राम औंध, फतेहगंज पश्चिमी, बरेली। शाकिर :...

“मैं तेरी ज़िंदगी तबाह कर दूंगा” थार से उतर कर युवक ने लड़की को जड़े कई थप्पड़

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पंजाब के चंडीगढ़ से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति थार गाड़ी से उतरता है और लड़की को कई बार थप्पड़ मारता है। इस दौरान दोनों के बीच गाली‑गलौज भी होती है और फिर मारपीट होती है। यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले को लेकर अभी तक चंडीगढ़ पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वीडियो में दिखता है कि एक काली रंग की बनियान पहने लड़का लड़की के बाल पकड़कर उसे थप्पड़ मार रहा है। वहीं पास खड़ा दूसरा युवक भी एक लड़की को पकड़कर रखा है। लड़की जोर से चिल्ला रही है, लेकिन लड़का उसे छोड़ने को तैयार नहीं है। दोनों एक दूसरे को गालियां दे रहे हैं। वीडियो में आगे दिखता है कि जब लड़का थार में जाने लगता है, तो लड़की उसे रोकने की कोशिश करती है। वह उसे धक्का देकर गिरा देता है। वह कहता है कि समझ लो, इसकी जिंदगी खराब कर दूंगा, और गालियों के बीच थार को आगे बढ़ाता है। इस दौरान पास में खड़ा सफेद जैकेट वाला युवक लड़की को संभालने की कोशिश करता है। 

15 साल के वैवाहिक रिश्ते पर लगा कलंक, होटल में दोस्त के साथ रंगे हाथों पकड़ी गई पत्नी, पति ने रोते हुए सुनाई GPS से खुली सच्चाई

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पंजाब के अमृतसर से सामने आई यह घटना एक बार फिर शादी, विश्वास और रिश्तों की नाज़ुक डोर पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह कहानी सिर्फ पति-पत्नी के बीच टूटते रिश्ते की नहीं, बल्कि उस भरोसे की है, जो समय के साथ दरकता गया और आखिरकार एक पूरे परिवार को बिखरने के कगार पर ले आया। करीब 15 साल पहले सात फेरों में बंधे एक पति ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उसे अपनी ही पत्नी को होटल के कमरे में किसी और के साथ रंगे हाथों पकड़ना पड़ेगा। इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि News18 हिन्दी इस वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता। वीडियो में पीड़ित रवि गुलाटी की आंखों में छलकते आंसू और कांपती आवाज़ उसकी पीड़ा को बयां कर रही थी। रवि ने बताया कि उसकी शादी 25 अप्रैल 2010 को हिमानी से हुई थी। दोनों के बच्चे हैं और वह हमेशा यही सोचता रहा कि शादीशुदा ज़िंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार को बचाने के लिए समझौता जरूरी होता है। पहले भी सामने आ चुकी थी सच्चाई रवि के अनुसार, साल 2018 में भी उसकी पत्नी को किसी अन्य व्यक्ति के साथ होटल में ...

उतरौला की रामलीला गंगा–जमुनी संस्कृति और पारस्परिक एकता की सजीव मिसाल है।

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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद स्थित उतरौला कस्बे की रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक एकता का जीवंत प्रतीक है। यहां रामलीला का शुभारम्भ वर्ष 1904 में हुआ था। इसकी आधारशिला संत बाबा जयकरण गिरि ने मुगल शासक राजा मुमताज़ अली ख़ाँ के काल में रखी थी। राजा मुमताज़ अली ख़ाँ ने रामलीला के मंचन हेतु भूमि प्रदान की थी, जिससे इस आयोजन को स्थायी स्वरूप प्राप्त हुआ। तब से लेकर आज तक यह रामलीला निरन्तर प्रति वर्ष आयोजित होती आ रही है। इतना ही नहीं, यह उत्सव अब नगर की ऐतिहासिक धरोहर तथा लोक-संस्कृति का अविभाज्य अंग बन चुका है। आरम्भिक काल में रामलीला का सम्पूर्ण आयोजन स्थानीय कलाकारों द्वारा ही प्रस्तुत किया जाता था। पण्डित सूर्यमन पाण्डेय, पण्डित महावीर प्रसाद झा तथा पण्डित वृजलाल महाराज जैसे कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से रामलीला को विशिष्ट पहचान प्रदान की। विशेष रूप से हनुमान के पात्र का सशक्त एवं प्रभावपूर्ण अभिनय दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ जाता था। संत जयकरन गिरि महाराज के उत्तराधिकारी तथा वर्तमान में दुखहरणनाथ मंदिर के पुजारी मयंक गिरि...