Bihar Flood News: बिहार के 12 जिलों में बाढ़ का कहर, 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित, गंगा ने तोड़ा रिकॉर्ड




Bihar Flood: बिहार के 12 जिलों में बाढ़ का कहर, 22 लाख आबादी प्रभावित; पटना में गंगा का रौद्र रूप
पटना: बिहार में उफनती नदियों के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद भयावह हो गई है। राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 ग्राम पंचायतों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा से अब तक 22.42 लाख से अधिक आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। राजधानी पटना समेत कई इलाकों में गंगा नदी ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और रौद्र रूप में बह रही है।

पटना में गंगा नदी का जलस्तर: टूट गए पुराने रिकॉर्ड

केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, पटना और आसपास के प्रमुख घाटों पर गंगा नदी का जलस्तर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (Highest Flood Level - HFL) को पार कर चुका है:

गांधीघाट (पटना): रविवार सुबह जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो 21 अगस्त 2016 के रिकॉर्ड (50.52 मीटर) से 0.05 मीटर अधिक है।

पंडारक: जलस्तर 43.92 मीटर पहुंचा, जो 2021 के रिकॉर्ड (43.73 मीटर) से 0.19 मीटर ज्यादा है।
दानापुर: 52.63 मीटर जलस्तर दर्ज हुआ, जो 2021 के 52.61 मीटर के HFL से ऊपर है।

बांका घाट: जलस्तर 49.47 मीटर दर्ज किया गया (2021 का HFL: 49.44 मीटर)।
अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर
गंगा के अलावा अन्य प्रमुख नदियां भी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं:

गंडक नदी: डुमरिया घाट और हाजीपुर में उफान पर।

कोसी नदी: बलतारा और कुर्सेला में लाल निशान के पार।

बूढ़ी गंडक व पुनपुन: खगड़िया में बूढ़ी गंडक और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
बागमती और घाघरा: बेनीबाद में बागमती तथा दरौली में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राहत और बचाव कार्य: 190 कम्युनिटी किचन और राहत शिविर शुरू

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन बड़े पैमाने पर राहत अभियान चला रहा है

भोजन और आश्रय: प्रभावित क्षेत्रों में 190 सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) का संचालन किया जा रहा है, जिनसे 2.51 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है।

राहत शिविर: 3 मुख्य राहत शिविरों में 1,631 लोगों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
सामग्री वितरण: पीड़ितों के बीच अब तक 65,700 पॉलीथीन शीट और 12,700 से ज्यादा ड्राई राशन पैकेट बांटे गए हैं।

नावों का परिचालन: जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए 1,429 नावों की मदद ली जा रही है।

बराजों से जलस्राव और NDRF-SDRF की तैनाती

नदियों में बढ़ते पानी के प्रवाह पर सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन लगातार नजर बनाए हुए हैं:

वाल्मीकिनगर बराज (गंडक): 1,29,000 क्यूसेक जलस्राव दर्ज हुआ (इस सीजन का अधिकतम: 2,24,000 क्यूसेक)।

वीरपुर बराज (कोसी): 2,20,025 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया, जिसमें लगातार बढ़ोतरी की प्रवृत्ति दिख रही है।

इंद्रपुरी बराज (सोन): 1,80,384 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया।

स्थिति से निपटने और त्वरित रेस्क्यू के लिए विभिन्न जिलों में SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमों को तैनात किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार प्रभावित जिलों में निगरानी रख रहा है।

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